संवाददाता/रोहड़ू(हि.प्र.) : शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन कथा ब्यास साध्वी हरीशा बाई ने शिव- पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शिव-पार्वती विवाह जीव और ब्रह्म का मिलन है| जैसे पार्वती जी शिव को पाने के लिए तपस्या करती है, अनेक परीक्षाओं से गुजरती है, तब उन्हें भगवान शिव की कृपा प्राप्त हुई|
उसी तरह जब एक भक्त भगवान को पाना चाहे तो उसे भी अनेक परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है और दृढ संकल्पित होकर भक्ति के मार्ग में आगे बढना होता है तभी प्रभु की असीम कृपा प्राप्त होती है| शिव के बारात में भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी भी मौजूद रहे| साथ ही दिल्ली से आये हंस भजन मण्डली के सुप्रसिद्ध कलाकर बालकिशोर और तबले की संगत पर प्रकाश कुमार द्वारा सुंदर भजनों की सुंदर प्रस्तुति से भक्त-समुदाय झुमने पर मजबूर हो गये| शिव-विवाह के बधाई भी गाये गये|
इस अवसर पर शिव-विवाह की सुंदर झांकियां निकाली गयी | प्रसंग और झाकियों को देखकर श्रोतागण मंत्र-मुग्ध हो गये| ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मानो देवलोक से आशीर्वाद देने के लिए स्वयं भगवान शिव और माता जगदम्बा प्रकट हो गये हो| यह कथा 20 जुलाई तक चलेगा|





























