सिक्किम में एक दिवसीय सन्त-समागम व वार्षिक उत्सव सम्पन्न

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हिम बहादुर/सिक्किम : मानव उत्थान सेवा समिति सिक्किम में आयोजित एक दिवसीय सन्त-समागम एवं वार्षिक उत्सव दक्षिण सिक्किम जोरथांग का ग्रीन पार्क में सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जूम-सालघारी क्षेत्र बिधायिका सुनीता ग़ज़मेर उपस्थित थे। सिक्किम राज्य के चारों जिल्ला के सन्त महात्मागण, नयाबाजार/जोरथांग क्षेत्र नगरपार्षदगण,बिभिन्न बरिष्ठ अधकारीगण,एसडीपीओ जोरथांग, उत्तरपुर्वांचल क्षेत्र समितिका बरिष्ठ अधिकारीगण, सिक्किम राज्य समितिका बरिष्ठ कार्यकर्ता गण, नयाबाजार/जोरथांग बिभिन्न संघ-संस्थान, ब्यापारीबर्ग, आमंत्रित अतिथिगण विशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरपुर्वांचल क्षेत्र के अध्यक्ष साध्वी महात्मा अखिलेश बाई ने श्री गुरुमहाराज जी के तस्वीर में माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। इसमें जोरथांग महुकमा अधिकारी आरबी भण्डारी ने सन्त महात्मागण, मुख्य अतिथि, विशिष्ठ अतिथिगण, आमंत्रित अथिति गण तथा समिति के समस्त प्रेमी भक्तगणों को स्वागत अभिवादन किया। इसके बाद गंगटोक तहसील प्रभारी साध्वी महात्मा ज्ञान बाई ने अपने सम्बोधन में कहा कि जीवन में भौतिक सुविधा प्राप्त कर लेने से मानव जीवन उद्धार नही होता है। हमे भौतिक उपलब्धि के साथ आध्यात्मिक उपलब्धि अति आवश्यक है।

वार्षिक उत्सव में मुख्य अतिथि उत्तरपुर्वांचल क्षेत्र प्रभारी साध्वी महात्मा अखिलेश बाई ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि मान सम्मान, पद प्रतिष्ठा मिलने के बाद मानव जीवन का महत्व नही समझते है तो मानव जीवन बेकार है। मानव जीवन का उद्देश्य क्या है ? संसार मे आने का उद्देश्य क्या है? इसे समझना होगा। क्या हमें धन कमाना,परिवार तथा संतान जन्म देना मानव जीवन का लक्ष्य है? मानव का जीवन में अथाह खजाना एवं भंडार से भरा है। इससे समझने की लिए केवल मात्र चंद समय का जरूरत है कि समय के सद्गुरु के कृपा से प्राप्त किया जा सकता है। मानव ने भौतिक उपलब्धि के साथ आकाश में उड़ना सीखा, समुन्द्र के तह तक गहराई का खोज कर ली लेकिन अपने अंदर छिपी शक्ति को खोज नही पाया। अपने अंदर का अनमोल खजाना ढूंढ़ नही पाया। यह जीवन अभागा है। यह संभव तब है जब सद्गुरु के कृपा से आत्माज्ञान प्राप्त कर मानव जीवन कल्याण होगा।
इस कार्यक्रम में हालही में राजस्थान के उदयपुर में सम्पन्न राष्ट्रीय स्तर का स्ट्रेंथ लिफ्टिंग तथा बेंच प्रेस में सिक्किम राज्य का प्रतिनिधित्व करती हुई २२ राज्यो को पीछे छोड़ते हुए दो स्वर्ण पदक तथा राज्य स्तरीय एक स्वर्णपदक प्राप्त करने वाली पूर्व सिक्किम माझिटार निवासी सरस्वती रसाईली (मोहोरा) को समिति अध्यक्ष पूर्ण योञ्जन द्वारा अंगवस्त्र तथा प्रशस्ति पत्र द्वारा सम्मान व अभिनंदन किया गया। सिक्किम ई-कल्चर 2020 उप-विजेता शिशिर ठटाल, अनिल प्रधान, समानता ठटाल ने सुन्दर भजन प्रस्तूत किया। कार्यक्रम का संचालन हाङजीत लिम्बु ने किया तथा अनिल राई ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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