गोवा के अगले मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत होंगे, देर रात होगा शपथ ग्रहण

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एजेंसी/पणजी। भाजपा के प्रमोद सावंत गोवा के अगले मुख्यमंत्री होंगे। पार्टी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सावंत अभी गोवा विधानसभा के अध्यक्ष है। वह मनोहर पर्रिकर का स्थान लेंगे, जिनका रविवार को निधन हो गया था। पर्रिकर का सोमवार की शाम को यहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि गोवा के नए मुख्यमंत्री सोमवार रात ग्यारह बजे शपथ लेंगे। बताया कि सहयोगी दलों के साथ हुए समझौते के तहत भाजपा के गठबंधन सहयोगियों के दो विधायक उपमुख्यमंत्री होंगे। दो उपमुख्यमंत्री गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के प्रमुख विजय सरदेसाई और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक सुदीन धावलीकर होंगे। अपने सहयोगी दलों के साथ हुई कई बैठकों के बाद भाजपा राज्य में इस गतिरोध को दूर करने में सफल रही। पर्रिकर जब मुख्यमंत्री थे तो उस समय (उपमुख्यमंत्री पद) की इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं थी। भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, ‘‘हम गठबंधन के सहयोगियों को राजी करने में सफल रहे और राज्य के लिए दो उपमुख्यमंत्रियों के फार्मूले को अंतिम रूप दिया।’’ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार की शाम को कहा था कि गोवा के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों के बीच आम राय नहीं बन पाई है। गोवा फॉरवर्ड पार्टी के तीन, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के तीन और तीन निर्दलीय विधायकों के साथ भाजपा विधायकों की बैठक रविवार देर रात से अब तक कई बार हो चुकी थी ताकि पर्रिकर के उत्तराधिकारी पर आम राय बनाई जा सके।

इस चर्चा की अगुवाई के लिए गडकरी सोमवार की सुबह गोवा पहुंचे थे। पर्रिकर एक गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे थे जिसमें भाजपा, जीएफपी, एमजीपी और तीन निर्दलीय शामिल थे। इस समय कांग्रेस चौदह विधायकों के साथ राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है। चालीस सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के बारह विधायक हैं। भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा के निधन तथा रविवार को पर्रिकर के निधन और पिछले वर्ष कांग्रेस के दो विधायकों सुभाष शिरोडकर तथा दयानंद सोप्ते के इस्तीफों के कारण विधानसभा की क्षमता घटकर अब 36 हो गई है। गोवा कांग्रेस के सभी विधायकों ने सोमवार को राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात की और तटीय राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में सभी चौदह कांग्रेसी विधायक राजभवन गए और सिन्हा को यह कहते हुए एक पत्र सौंपा कि उनकी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है और उन्हें सरकार बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए।

पर्रिकर का अंतिम संस्कार सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ किया गया और इस अवसर पर हजारों लोगों ने नम आंखों के साथ अपने इस लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई दी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, विभिन्न केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने मीरामार में हुई पर्रिकर की अंत्येष्टि में हिस्सा लिया। पर्रिकर की चिता को उनके ज्येष्ठ पुत्र उत्पल ने मुखाग्नि दी।  भाजपा के इस लोकप्रिय नेता की अंतिम यात्रा ‘कला अकादमी’ से शुरू हुई जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित सैकड़ों लोगों ने पूर्व रक्षा मंत्री को श्रद्धांजलि दी। पर्रिकर के पार्थिव शरीर को फूलों से सजाये गये वाहन में रखा गया था। इसी वाहन से उनके पार्थिव शरीर को मीरामार बीच पर ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार सम्पन्न किया गया।

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