संतो के सानिध्य से भक्ति, आस्था प्रबल और भगवान की प्राप्ति होती है -महात्मा हरिसंतोषानन्द

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संवाददाता/उत्तमनगर/नई दिल्ली| अखिल भारतीय धार्मिक और सामाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में हंस जयंती और बिहार, उत्तर प्रदेश का प्रमुख पर्व छठ पूजा एवं कैलाशचंद्र अवस्थी जी के सेवानिवृति (31 अक्टूबर 2019) के उपलक्ष्य में उनके निवास स्थान मोहन गार्डन में एक वृहद सद्भवना पदयात्रा और सत्संग समारोह का आयोजन किया गया जिसमें भारत के सभी राज्यों में प्रचार करते हुए संस्था के वरिष्ठ महात्मा हरिसंतोषानन्द जी और अमेरिका से आई हुई संस्था की प्रचारिका महात्मा योग बाई जी ने अपने-अपने विचार रखे|
कार्यक्रम से पूर्व एक विशाल सद्भावना पदयात्रा भी निकाली गयी जिसका शुभारम्भ हस्तसाल गांव, बुध बाजार रोड में चंदना देवी अस्पताल से किया गया | यात्रा का शुभारम्भ निगम पार्षद अशोक सैनी और संस्था के वरिष्ठ महात्मा हरिसंतोषानन्द जी और महात्मा योग बाई जी ने किया| यात्रा में सैकड़ो की संख्या में भक्त समुदाय उपस्थित रहे| यात्रा में अनेक प्रेरणादायक भजन और भारत विश्व गुरु बने जैसे अनेक नारे भी लगाए गए| यात्रा के दौरान क्षेत्रीय लोगों ने यात्रा में उपस्थित सभी आगंतुकों का भारतीय संस्कृति के अनुसार फूलमाला और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया और इस शांति सन्देश को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देने का आश्वाशन भी दिया|
 महात्मा हरिसंतोषानन्द जी ने अनेक धार्मिक धर्मग्रंथो के आधार पर अपने सारगर्भित सत्संग विचार रखते हुए कहा कि मनुष्य जब अपने जीवन में उस ज्योति स्वरूप परमात्मा का ध्यान अपने हृदय में करता है तो सुख का अनुभव करता है, वह जीवन में कभी भी दुखी नहीं रह सकता| उस आत्मतत्व की प्राप्ति के लिए समय के तत्वदर्शी सदगुरु की शरण में जाना पड़ेगा| बाहरी कर्मकांडो से भगवान की प्राप्ति संभव नहीं है| केवल एक मात्र भगवान् के सच्चे नाम का बोध अपने हृदय में करके उसका नित्यप्रति भजन अभ्यास करने से ही भगवान की प्राप्ति संभव है|
उन्होंने कहा कि संतो के सानिध्य से भक्ति और आस्था दोनों प्रबल होती है और शास्त्रों में प्रमाण भी है कि ‘प्रथम भक्ति संतन कर संगा’ अर्थात भक्ति का पहला मार्ग है संतो का सानिध्य| उन्होंने समस्त भक्त समुदाय को छठ महापर्व की शुभकामना भी दी|
महात्मा योग बाई जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि भगवान की भक्ति करने से मन में शांति होती है और जब मन में शांति होगी तो घर में, परिवार में, नगर में, प्रदेश सहित पुरे देश में शांति होगी और वही सन्देश हमारे ऋषि-मुनि और समय के महान पुरुषों द्वारा पुरे विश्व को दिया गया| भक्ति का पहला सोपान है सत्संग| इसलिए सभी लोग ध्यान से सत्संग श्रवण करे और अपने जीवन में धारण कर आत्मलाभ प्राप्त करें|
 कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक नरेश बाल्यान ने भी अपने विधानसभा में आये हुए साधु-संतो और भक्त समुदाय का धन्यवाद किया और इस संस्था द्वारा क्षेत्र में हमेशा की तरह किये जा रहे इस पुनीत कार्य के लिए संस्था और कार्यकर्ताओं का खास तरह से आभार प्रकट किया| संस्था के कार्यकर्ताओ द्वारा मुख्य अतिथि सहित सभी संत-महात्मागण का फूल-मालाओ से स्वागत किया गया| कार्यक्रम आयोजक और सेवानिवृत्ति कैलाशचंद्र अवस्थी का फूल-माला और पगड़ी पहना कर स्वागत किया गया|
कार्यक्रम को सफल बनाने में मानव सेवा दल, शाखा कार्यकर्ता और यूथ विंग ने पूरा सहयोग दिया| कार्यक्रम का समापन आरती-प्रसाद और भंडारे के साथ किया गया| मंच संचालन रणवीर मास्टर ने किया और व्यवस्था के रूप में संस्था की शाखा मोहन गार्डन के कार्यकर्ताओं ने कार्यभार संभाला|

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