मेरठ कैंट, 24 जूलाई। देश की जानी-मानी संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा वेस्ट एण्ड रोड, मंदिर मार्ग मेरठ कैंट में स्थित मानव धर्म मंदिर के प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म-कथा महायज्ञ के पहले दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने कथा का महत्व समझाते हुए कहा कि कथा केवल सुनने का विषय नही है अपितु आत्म-सात करने से भगवान की प्राप्ति होती है और मनुष्य जीवन जीने की कला सिख लेता है।
कथा व्यास साध्वी जी ने ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब भक्त के जीवन में भगवान के नाम का बोध होता है तब भक्ति प्रारम्भ होती है और जीवन में वैराग्य आता है। राजा परिक्षित को जब उनसे गलती हुई तब श्रृंगी ऋषि ने श्राप दे दिया और श्री सुकदेव मुनि ने यही कथा सुनाया था। यह बहुत सुनहरा अवसर हमें भी भगवान ने दिया है। उस परमपिता परमात्मा के सच्चे नाम को जानकर भजन-साधना करके अपना कल्याण करे और मनुष्य चोले को सार्थक बनाये।
सुप्रसिद्व समाजसेवी व आध्यात्मिक गुरू श्री सतपाल जी महाराज की परम शिष्या साध्वी दर्शनी बाई जी ने सभी भक्तों को अध्यात्म के पथगामी होने का संदेश दिया और भगवान श्री कृष्ण की भक्ति रस में सबको सराबोर कर दिया। प्रातः 8 बजे से कलश यांत्रा पूरे शहर में बड़े धूमधाम से निकाली गयी। यात्रा का शुभारम्भ जिला प्रधान राकेश गोयल ने हरि झण्डी दिखाकर किया। यात्रा के दौरान साध्वी दर्शनी बाई जी और सहयोगी साध्वी धनिष्ठा बाई जी व संस्था के कार्यकर्ताओं का मुहल्ले वालों ने स्वागत किया। स्टेज पर संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने साध्वी दर्शनी बाई जी और सहयोगी साध्वी धनिष्ठा बाई जी का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
साथ ही दिल्ली व अनेक स्थानों से पधारें हुए अनेक भजन गायक कलाकारों ने मेरी लगी श्याम संग प्रीत, दुनिया क्या जाने, सतगुरू ने जिसे चाहा, दिवाना बना डाला। जैसे सुमधुर भजनों द्वारा सबको नाचने पर मजबूर कर दिया।
यह कथा दिनॉक 24 से 30 जूलाई तक प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक चलेगा।
































