आगरा। नगर निगम में आज बाबा साहब डाॅ भीमराव अम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ओर से निगम में स्थापित बाबा साहब अम्बेडकर एवं रामायण रचयिता वाल्मीकि जी की प्रतिमाओं पर नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे एवं अपर नगर आयुक्त सुरेन्द्र प्रसाद यादव व अन्य सभी अधिकारियों व वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी एवं उनकी पूरी टीम की ओर से माल्यापर्ण कर मोमबत्ती जलाकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नगर आयुक्त ने कहा कि बाबा साहब के बताऐ हुऐ रास्ते संगठित रहो, शिक्षित बनो व संघर्ष करो मूल मंत्रों को आत्मिक से धारण करके चलने पर ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद इलाहाबादी ने अपने संबोधन में बताया कि जब बाबा साहब इस दुनिया में नहीं रहे तो बाबा साहब के अनुयायी अपने आप को अनाथ समझ कर पूरी तरह से टूट चुके थे। उन्होने बताया की 6 दिसम्बर 1956 राजधानी दिल्ली, रात के 12 बजे थे रात का सन्नाटा और अचानक दिल्ली, मुम्बई, नागपुर मे चारों ओर फोन की घण्टियाँ बज रही थी, राजभवन मौन था संसद मौन थी, राष्ट्रपति भवन मौन था|
हर कोई कशमकश मे था शायद कोई बड़ा हादसा हुआ था। ये किसी बड़े हादसे या आपदा से कम नही था कोई अचानक हमें छोड़कर चला गया था। जिसके जाने से करोड़ों लोग दुःख भरे आसुओं से विलाप कर रहे थे। बाबा साहब को श्रद्धांजलि तभी अर्पित होगी जब हम उनके अथक प्रयासों द्वारा लिखित संविधान की रक्षा के लिए सभी संकल्पित नहीं होते इसलिए आज बाबा साहब की प्रतिमा पर संकल्प लें की हम हमेशा संविधान की रक्षा करेंगे इसके लिए हमें चाहें कोई भी कुर्बानी देनी पड़े।
प्रमुख रूप से निखिल टीकाराम फुंडे, सुरेन्द्र प्रसाद यादव, सहायक नगर आयुक्त अनुपम शुक्ला, संजय कटियार, बीएल गुप्ता, विनोद इलाहाबादी, हरीबाबू वाल्मीकि, सूरज पहलवान, रंजीत सिंह नरवार, अनिल राजौरिया, शरद थनवार, रेशम सिंह चाहर, धर्मेन्दर ब्रहम, राहुल नरवार, रोहित लवानियां, मनीष वाल्मीकि, सुमित चौहान, वीरेंद्र अर्दली, अजय चौहान, प्रदीप चंचल आदि मौजूद रहे। साभार:राष्ट्रीय प्रसार

































