21 मार्च, सुग्रीव कॉलोनी, भरतपुर। सभी धर्मों का आधार मानव धर्म है और मानव धर्म को जानना ही सनातन धर्म को जानना है। धर्म का अभिप्राय अंतर्गजगत से है, भगवान से है। धर्म जानने के बाद आपस के झगड़े समाप्त हो जाते है, ईर्ष्या-द्वेष की भावना समाप्त हो जाती है। आपस में सद्भावना आ जाती है। और इसी सद्भावना से देश में शांति और एकता आती है, देश का समग्र विकास भी इसी सद्भावना से आती है। हमारा उदेश्य भी देश में सद्भावना लाना है। यही संदेश हमारे सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज देते है। श्री महाराज जी की प्रेरणा से हमारे जैसे हजारों संत-महात्मागण अध्यात्म ज्ञान का प्रचार-प्रसार कर रहे है।
ग्वालियर से पधारे महात्मा सावित्री बाई जी ने सुमधुर भजनों सहित अपने सत्संग विचार रखें। दिल्ली से आये भजन गायक श्री अमर दास जी ने अपने सुमधुर और प्रेरणादायक भजनों पर अभी भक्तों को नाचने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर उपस्थित संत महात्माओं का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। इस दौरान वी.के.राणा, राजकुमार, गोपीचंद मास्टर, भरत सिंह, रमेश चंद्र जी, रामदयाल मीणा, बाबू राम, भरत लाल, भूरे सिंह, मास्टर वीरेंद्र सिंह, रतन सिंह, शिव चरण सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे। आरती और प्रसाद के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। मंच संचालन धुरन्धर चौहान ने किया।

