नीरज कुमार दुबे| दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों को एक बार विपश्यना करने की सलाह देते हुए घोषणा की है कि वह विपश्यना साधना करने जा रहे हैं। हम आपको बता दें कि विपश्यना एक प्राचीन भारतीय ध्यान पद्धति है, जिसमें भाग लेने वाले लोग एक निश्चित अवधि तक किसी भी संचार से दूर रहते हैं, यहां तक कि किसी से संवाद या संकेतों के माध्यम से भी बात नहीं कर सकते हैं। विपश्यना केंद्र में रह कर वे मानसिक साधना का लाभ लेते हैं। इसे आत्म निरीक्षण और आत्म शुद्धि की सबसे बेहतरीन पद्धति माना गया है।
हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल विपश्यना का अभ्यास कहां करेंगे। विपश्यना के नियमित अभ्यासी केजरीवाल ने इससे पहले धरमकोट, नागपुर और बेंगलुरु में आयोजित सत्रों में इस पद्धति का अभ्यास किया है। हम आपको याद दिला दें कि 2016 में वे 10 दिनों तक विपश्यना का अभ्यास करने के लिए नागपुर गए थे। इसके अगले साल, वह महाराष्ट्र के इगतपुरी और हिमाचल प्रदेश के धर्मकोट पहुंचे थे।
हम आपको बता दें कि विपश्यना के बारे में केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘आज विपश्यना साधना के लिए जा रहा हूं। साल में एक बार जाने की कोशिश करता हूं। एक जनवरी को लौटूंगा। कई सौ साल पहले भगवान बुद्ध ने यह विद्या सिखाई थी। क्या आपने विपश्यना की है? अगर नहीं, तो एक बार जरूर कीजिए। मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक, हर पक्ष पर बहुत लाभ होता है। सबका मंगल हो।’’ हम आपको यह भी बता दें कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने 2014 के लोकसभा चुनाव और 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में व्यस्त प्रचार अभियान के बाद विपश्यना का अभ्यास करने के लिए कुछ दिनों का विश्राम लिया था।
माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल 2023 और 2024 के चुनावों से पहले नई ऊर्जा हासिल करने के मकसद से विपश्यना के लिए जा रहे हैं। इस साल भी केजरीवाल ने कड़ी मेहनत करके अपनी पार्टी को पंजाब में सत्ता दिलवाई और गुजरात विधानसभा चुनावों को भी त्रिकोणीय बनाने का प्रयास किया था। गोवा विधानसभा चुनावों में भी आम आदमी पार्टी को दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी। यही नहीं, दिल्ली नगर निगम चुनावों में भी आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल के नेतृत्व में भाजपा की 15 साल पुरानी सत्ता को उखाड़ फेंका था। केजरीवाल के प्रयासों से उनकी पार्टी अब राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी है।
माना जा रहा है कि केजरीवाल अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ ही कर्नाटक विधानसभा चुनावों में भी अपनी पार्टी को मजबूती से चुनाव लड़वाना चाहते हैं। इसके अलावा 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी की योजना देशभर में अरविंद केजरीवाल की रैलियां कराने की भी है। इसलिए केजरीवाल बड़ी चुनावी लड़ाई के लिए अंदर से खुद को मजबूत बनाने के लिए विपश्यना केंद्र जा रहे हैं। हम आपको यह भी बता दें कि आम आदमी पार्टी पहले ही ऐलान कर चुकी है कि 2024 का लोकसभा चुनाव मोदी बनाम केजरीवाल होगा। इसलिए देखना होगा कि क्या केजरीवाल की विपश्यना से मोदी का सिंहासन डोलता है। साभार: प्र.सा.

