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तीस हजारी कोर्ट: मारपीट करने 100 वकीलों की पहचान

संवाददाता/नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट में पुलिस व वकील बवाल मामले में नया मोड़ आ गया है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी ने उत्तरी जिला डीसीपी मोनिका भारद्वाज से बदतमीजी करने, पुलिसकर्मियों से मारपीट, जेल वैन के ड्राइवर से लूटपाट और डीसीपी के ऑपरेटर से पिस्टल छीनने वाले वकीलों की पहचान की है। आरोपी वकीलों की संख्या 100 से ज्यादा है। एसआईटी पूछताछ के लिए इन्हें जल्द ही नोटिस भेजेगी। एसआईटी न्यायिक जांच की रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अभी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है।

गौरतलब है कि तीस हजारी कोर्ट में 2 नवंबर को हुए बवाल की जांच अपराध शाखा की एसआईटी कर रही है। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि एसआईटी की जांच में पता चला है कि तीस हजारी कोर्ट के लॉकअप में 30 से ज्यादा वकील घुसे थे। इन्होंने लॉकअप का ताला तोड़ने की कोशिश की थी। इन सभी की पहचान हो गई है।

उत्तरी जिला डीसीपी मोनिका भारद्वाज के साथ बदतमीजी और मारपीट करने वाले वकीलों की भी एसआईटी ने पहचान कर ली है। इन वकीलों की संख्या 3 से 4 है। डीसीपी को बचाने उनका ऑपरेटर आया तो वकीलों ने उसके साथ भी मारपीट की थी। ऑपरेटर के कंधे में फ्रेक्चर आने के अलावा काफी चोटें आई थीं। ऑपरेटर की सरकारी पिस्टल भी छीन ली थी। एसआईटी ने पिस्टल छीनने वाले दो वकीलों की पहचान कर ली है। पुलिस अब पिस्टल की बरामदगी के प्रयास कर रही है। सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए पुलिस जल्द ही नोटिस भेजने वाली है।

एसआईटी का कहना है कि न्यायिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। एसआईटी जांच को तेज करेगी। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है। रिपोर्ट से यह पता लग जाएगा कि फुटेज के साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के कई डीवीआर को जब्त किया गया है। सीसीटीवी फुटेज व डंप डाटा से आरोपियों की पहचान हुई है। एसआईटी ने अब तक 150 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं।