संवाददाता, नई दिल्ली : 2017 विधानसभा चुनाव के पांचो राज्यों में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बहुमत की ओर बढ़ने को भाजपा ने इसे पार्टी की नीतियों एवं मोदी के नेतृत्व पर जनता की मुहर करार दिया और कहा कि मोदी मैजिक,नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक पर जनता ने जवाब सुना दिया है। देश की जनता ने भाजपा की नीतियों, अमित शाह की रणनीति और मोदी के नेतृत्व पर फिर मुहर लगायी है। विरोधी चाहे जो कुछ कह रहे थे लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों में यह चर्चा थी कि बसपा और सपा को काफी देख लिया और इस बार भाजपा को मौका दिया जाना है, जिसके लिए केंद्र में मोदी सरकार का उदाहरण उनके सामने था। इसलिए उत्तर प्रदेश, उत्तरखंड में बहुमत मिला है। अब देखना ये होगा कि मोदी सरकार द्वारा चुनावी दौरान में किये गये वादे ‘वोट के बदले विकास’ की बात कहा तक सार्थक होती है | दोनों राज्यों में भाजपा ने बनवास वापसी की है| जनता ने नरेन्द्र मोदी की नीतियों एवं नेतृत्व पर फिर मुहर लगायी है। भाजपा का नारा सबका साथ, सबका विकास के भाव को जनता ने भली-भांति समझ लिया है।
उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के बारे में अनेक सवाल खड़े हो रहे है| उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में कई नाम चर्चा में है| हाल ही में कांग्रेस को छोड़ भाजपा में आये कद्दावर नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री सतपाल महाराज का नाम मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे है| उन्होने उत्तराखंड राज्य निर्माण से लेकर अब तक राज्य के विकास में बहुत बड़ा योगदान रहा है | अभी चुनाव से कुछ समय पहले महाराज पूरे उत्तराखंड में महापरिवर्तन रैली करके राज्य कि समस्त जनता में अपनी अलख जगा चुके है| सूत्रों कि माने तो सतपाल महाराज मोदी,शाह और संघ प्रमुख भागवत के अत्यंत करीबी और l उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकले तेज हो गयी है| केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, उमा भारती, केशव प्रसाद मौर्या, योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी और अनेक चेहरे सामने आ रहे है| लेकिन हर बड़े फैसले को भाजपा संसदीय बोर्ड इस बारे में विचार करके तब निर्णय देता है। आज दोपहर बाड़ दिल्ली में भाजपा संसदीय दल की बैठक होने कि सम्भावना है जिसमे मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम निर्णय लिया जायेगा |

