संवाददाता/द्वारका| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को द्वारका की चुनावी रैली में अरविंद केजरीवाल सरकार पर जमकर हमला बोला। पीएम ने कहा कि दिल्ली को दोष देने वाली नहीं, दिशा देने वाली सरकार चाहिए। उन्होंने कहा कि वोटिंग से 4 दिन पहले बीजेपी के पक्ष में ऐसा माहौल कई लोगों की नींद उड़ा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियों का जमकर बखान किया, वहीं केजरीवाल सरकार पर दिल्ली के विकास की राह में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाया। पीएम ने अरविंद केजरीवाल बयानों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि दिल्ली को ऐसी राजनीति नहीं चाहिए जो आतंकी हमले के समय भारत के पक्ष को कमजोर करे, जो अपने बयानों से दुश्मन को भारत पर वार करने का मौका दे दे।
पिछले 5 साल में केंद्र सरकार ने जिस गति से काम किया है, यह अपने आप में अभूतपूर्व है। स्वतंत्रता के बाद से देश में इतनी तेज गति से काम नहीं हुआ है। आज आयुष्मान भारत योजना जितने लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देती है वो अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की कुल जनसंख्या के बराबर है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत हमने जितने गरीबों के बैंक अकाउंट खोले हैं, उनकी संख्या अमेरिका की कुल आबादी से ज्यादा है। मुद्रा योजना के तहत हमारी सरकार ने कम ब्याज पर जितने ऋण दिए हैं, वह ब्राजील की कुल जनसंख्या से भी ज्यादा है।
अपनी बीमा सुरक्षा योजनाओं से हम जितने गरीबों को सुरक्षा कवच दे रहे हैं उसकी संख्या रूस की आबादी से ज्यादा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार ने जितने शौचालय ने बनाए हैं उसकी संख्या मिस्र की आबादी से ज्यादा है। उज्ज्वला योजना के तहत जितने मुफ्त कनेक्शन दिए हैं वह जर्मनी की आबादी से ज्यादा है। मुफ्त बिजली कनेक्शन ऑस्ट्रेलिया की आबादी से ज्यादा है। सरकार ने जितने घर बनवाए हैं वह श्रीलंका की कुल आबादी से ज्यादा है। भारत जैसे बड़े देश में इसी गति से काम हो सकता है। देश की राजधानी दिल्ली को भी काम की यही गति की जरूरत है दोस्तो। इसी गति से काम हो तो दिल्ली की अनेक समस्याएं सुलझाई जा सकती हैं।
यही वजह है कि दिल्ली के लोगों ने लोकसभा चुनाव के समय बीजेपी पर विश्वास जताया और इसी विश्वास के चलते दिल्ली वाले कह रहे हैं कि देश बदला अब दिल्ली बदलेंगे। दिल्ली को ऐसी सरकार भी चाहिए जो समय आने पर देश के पक्ष को मजबूत करे, हमारे वीर सैनिकों के साथ खड़ी हो। दिल्ली को ऐसी राजनीति नहीं चाहिए जो आतंकी हमले के समय भारत के पक्ष को कमजोर करे, जो अपने बयानों से दुश्मन को भारत पर वार करने का मौका दे दे। सर्जिकल और एयरस्ट्राइक जैसे फैसलों के बाद किस तरह के बयान आए, यहां की सरकार में बैठे लोगों ने कैसे-कैसे बयान दिए थे, हर दिल्ली वाले में वह गुस्सा है। 8 तारीख को यह गुस्सा निकलेगा, दिल्लीवासी उन्हें सजा देंगे।
मुझे दिल्लीवासियों पर भरोसा है। दिल्ली में ऐसा नेतृत्व चाहिए जो सीएए, आर्टिकल 370 जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा के तमाम मुद्दों पर देश का साथ देने वाला हो। अपनी राजनीति के लिए, तुष्टीकरण के लिए लोगों को भड़काने वाले लोग क्या दिल्ली का हित कर सकेंगे? ये लोग बाटला हाउस के आतंकियों के लिए रो सकते हैं, उनका साथ देने के लिए सुरक्षा बलों को कठघरे में खड़ा कर सकते हैं लेकिन दिल्ली का विकास नहीं कर सकते। सीएए बनने के बाद देश और दिल्ली के लोग पहले दिन से देख रहे हैं कि कैसे अफवाहें फैलाई जा रही हैं। दिल्ली की जनता सबकुछ देख रही है। सबकुछ समझ रही है।
वोट बैंक की राजनीति, नफरत की राजनीति, गलत इरादों और गलत नीयत के साथ दिल्ली का विकास कभी नहीं किया जा सकता और न हो सकता है। दिल्ली का विकास हर रोज नए-नए बहानों से नहीं हो सकता। विकास के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, अपने संकल्पों को सिद्ध करने का हौसला चाहिए। अगर बहानों से काम चलता तो क्या हमारी सरकार वो कड़े और बड़े फैसले ले पाती, जो बीते 5 सालों में एक के बाद एक मजबूत कदम जो हम उठाए हैं, वे उठा पाते क्या?
दिल्ली के साथ क्या हुआ है, यह दिल्ली वाले जानते हैं, बाहर वाले नहीं जान पाएंगे। 1700 से अधिक अवैध कॉलोनियों में 40 लाख लोगों को घरों का अधिकार दिल्ली कैसे भूल सकती है। यहां जो शासन में थे वे इसमें भी रोड़े लटका रहे थे, 2 साल और लटकाना चाहते थे लेकिन यह मोदी है। यह बीजेपी है। यह बीजेपी का दम है। बीजेपी ने इच्छाशक्ति दिखाई और आज 40 लाख दिल्ली वालों को अपने मकान, अपने दुकान का हक मिल गया।
मुझे बताया गया है कि लाखों बहन-भाइयों ने डीडीए को पोर्टल पर इसके लिए ऐप्लिकेशन डाल दिए हैं। कई दशकों से दिल्ली के हर चुनाव में अनधिकृत कॉलोनियों में घर के अधिकार का मुद्दा सबसे प्रमुख होता था। वादे किए जाते थे। लोग भरोसा करके सरकारें बनाते थे लेकिन उनका काम नहीं होता था। समाधान किसने किया? इन 40 लाख लोगों को घर का अधिकार किसने दिया? मोदी ने नहीं दिया, आपके एक वोट ने दिया जिसने 7 एमपी को जिताया था। जिसके कारण पूर्व बहुमत वाली सरकार बनी और जिसके प्रयासों से 40 लाख लोगों को अपने घर का हक मिल गया।
यह मोदी के कारण नहीं, आपके वोट के कारण हो रहा है। इस चुनाव में भी एक बार कमल के निशान पर बटन दबाकर देखो, आपके सपने पूरे होने लगेंगे। साथियो, दिल्ली बीजेपी ने यह भी संकल्प लिया है कि इन तमाम कॉलोनियों के विकास के लिए सरकार बनने के बाद अलग से उनका एक डिवेलपमेंट बोर्ड बनाया जाएगा- कॉलोनी डिवेलपमेंट बोर्ड। यह बोर्ड इन 1700 कॉलोनियों में जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए काम करेगा। जब दिल्ली बीजेपी यह संकल्प ले रही है तो मैं भी पीछे नहीं हटूंगा। केंद्र सरकार भी पूरा साथ देगी। दिल्ली में 21वीं सदी का आधुनिक से आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर हों, ट्रांसपोर्ट के आधुनिक साधन हों, बुनियादी सुविधाएं हों, स्वच्छ हवा हो, स्वच्छ पानी हो यह बीजेपी का संकल्प है।
दिल्ली में ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का काम लंबे वक्त से चल रहा था, लोग निराश हो गए थे कि यह काम कब पूरा होगा। दिल्ली में हमारी सरकार बनने के बाद रेकॉर्ड समय में ये दोनों एक्सप्रेसवे तैयार हो चुके हैं। इस वजह से हर रोज करीब 40 हजार ट्रक जो पहले दिल्ली के अंदर से गुजरते थे, आज बाहर-बाहर से गुजर जा रहे हैं। प्रदूषण को कम करने में इस नए इन्फ्रास्ट्रक्चर ने बड़ी मदद की है।
अक्षरधाम, मयूरविहार के पास जो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे 16 लेन की बनी है उससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। रैपिड रेल सिस्टम के लिए इस बार बजट में करीब ढाई हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। दिल्ली मेट्रो से हमारे सबके आदरणीय नेता अटलजी का नाम जुड़ा हुआ है। उनके बहुत प्रयासों के बाद ही दिल्ली में मेट्रो शुरू हो पाई थी और हमारी सरकार का प्रयास इसे और विस्तार देने का है। इतिहास में दिल्ली का बहुत अहम स्थान है। दिल्ली और सुंदर बने, यहां के लोगों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिले यह हमारा प्रयास है। यमुना को साफ करने के अलावा हमारी सरकार यमुना रिवरफ्रंट परियोजना पर काम कर रही है। यह 21वीं सदी में दिल्ली का शान बनेगा। दिल्ली के लिए एक नया फेफड़े का काम करेगा यमुना रिवरफ्रंट।
इंडिया गेट हो, लालकिला हो, देश की संसद हो इन सभी की भव्यता को बढ़ाया गया है। एक समय था कि लाल किला पर लोग 15 अगस्त को ही जाते थे। अब वहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस को समर्पित क्रांति मंदिर का शुभारंभ हुआ है। 26 जनवरी की झांकियों को लाल किले में रखा जा रहा है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इंडिया गेट के पास भी भव्य नैशनल वॉर मेमोरियल बनाने का काम भी हमने किया।
दोस्तो, यहां जो सरकार में उच्च पद पर बैठे हुए हैं इन्होंने पुलिस के लिए कैसे अभद्र शब्द का इस्तेमाल किया था, याद है न। पुलिस के 33 हजार जवानों ने इस देश के लिए शहादत दी है, उस पुलिस को यहां के नेता कैसी भाषा में बोलते थे। एक तरफ वो संस्कार है, वो सोच है, दूसरी तरफ हमारे संस्कार हैं, हमारी सोच है। हमने पुलिस मेमोरियल बनाकर शहीदों के बलिदान को नमन किया है।
द्वारका में ही 2 बड़े प्रॉजेक्ट चल रहे हैं- भारत वंदना पार्क का निर्माण शुरू हो चुका है, 2022 तक तैयार हो जाएगा। यहां पर्यटक पूरे की कला, संस्कृति का अनुभव कर सकता है। द्वारका में ही एक वर्ल्ड क्लास कन्वेन्शन सेंटर बन रहा है। यहां दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गज आएंगे, बिजनस के लिए सुविधाएं मिलेंगी। इससे युवाओं के लिए रोजगार का भी निर्माण हो रहा है। स्वार्थ की नहीं, विकास की राजनीति से ही यह मुमकिन है।
बीते 4-5 सालों से दिल्ली की 80 हजार गरीब महिलाओं को हमारी सरकार ने मुफ्त में गैस कनेक्शन दिया है। उजाला योजना के तहत बांटे गए एलईडी बल्ब की वजह से हर घर में बिजली की खपत कम हुई है। अलग-अलग योजनाओं के तहत बीते 4-5 वर्षों में केंद्र सरकार ने सीधे दिल्ली के लोगों के बैंक खाते में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसमें से 3 हजार करोड़ से ज्यादा सस्ती गैस के लिए दिए गए हैं। सरकार के इन प्रयासों का लाभ यहां के गरीबों, मध्यम वर्ग को, टैक्सी, ऑटो वाले सभी को मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कल पूर्वी दिल्ली में और आज यहां द्वारका में यह साफ हो गया है कि 11 फरवरी को क्या परिणाम आने वाले हैं। दिल्ली को बढ़ाने के लिए, राष्ट्रहित के भाव को बुलंद रखने के लिए आपके इस जोश और जुनून को मैं आदरपूर्वक नमन करता हूं। दिल्ली का यह चुनाव इस दशक का पहला चुनाव है। यह दशक भारत का दशक होने वाला है और भारत की प्रगति उसके आज लिए गए फैसले पर निर्भर करेगी। आज एक तरफ इन फैसलों को लेने वाला पक्ष और दूसरी तरफ फैसलों के खिलाफ खड़ा विपक्ष है। आज देश की राजधानी को इस दशक का 2030 तक का दिल्ली का रास्ता दिखाना है। यह काम आप सभी दिल्ली के मेरे मतदाता भाइयों-बहनों को 8 फरवरी को करना है। दिल्ली और देश के हित में इस बार एकजुट और एक स्वर में पूरी ताकत के साथ हमें खड़ा होना|
अरविंद केजरीवाल पर गरीबविरोधी होने का आरोप लगाते हुए पीएम ने कहा कि गरीबों की भलाई वाली योजनाओं की राह में दिल्ली में रोड़े अटकाए गए। उन्होंने कहा, ‘आप सोचिए, जो गरीब का हित चाहेगा, जिसके दिल में गरीब के लिए दर्द होगा, क्या वह गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित करेगा क्या? कितना भी राजनीतिक विरोध हो लेकिन गरीबों की भलाई में कोई रोड़े अटकाएगा क्या? लेकिन दिल्ली में पिछले 5 साल से गरीबों की भलाई की राह में रोड़े अटकाना ही चल रहा है। केंद्र की योजनाओं को लागू होने से पहले ही यहां मना कर दिया गया है। (शेम-शेम के नारे) अब 11 फरवरी के बाद आपको शेम-शेम नहीं बोलना पड़ेगा।’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘दिल्ली के गरीबों का क्या गुनाह है कि उन्हें 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा देने वाली आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलता। आयुष्मान भारत योजना में एक विशेषता है। मुद्दा 5 लाख का नहीं है। अगर दिल्ली का कोई नागरिक जो इस योजना का लाभार्थी है वह किसी काम से ग्वालियर गया, भोपाल गया, सूरत, नागपुर, हैदराबाद, चेन्नै गया और अचानक वहां बीमार हो गया तो यह मोहल्ला क्लिनिक वहां जाएगा क्या? लेकिन यह आयुष्मान भारत योजना दिल्ली में लागू होती और दिल्ली का कोई लाभार्थी वहां किसी काम से गया होता, वहां गंभीर से गंभीर स्वास्थ्य समस्या से परेशान होता तो 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज होता। दिल्ली में ऐसी सरकार बैठी है जिसे आपके जान की परवाह नहीं है।’
दिल्ली वालों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपना घर नहीं मिलता। आजादी के 70 सालों बाद गरीब से गरीब को भी रहने के लिए घर मिलना चाहिए कि नहीं? पक्का घर मिलना चाहिए या नहीं? कोई ऐसा दल हो सकता है क्या, कोई ऐसा नेता हो सकता है क्या कि इस योजना में भी रोड़े लटका दे। कितनी विकृत मानसिकता रही होगी जो गरीबों के प्रति इतनी नकारात्मक सोच रखती है।
दिल्ली के किसानों को पीएम किसान स्कीम का फायदा नहीं मिलता। दिल्ली के डेली क्यूटर्स का क्या कसूर है कि मेट्रो के चौथे चरण के विस्तार को 2 साल तक मंजूरी नहीं दी गई। आज दिल्ली के लोग देख रहे हैं कि कैसे दिल्ली में सिर्फ स्वार्थ, नफरत की राजनीति की गई है। क्या दिल्ली के लोगों ने जब 2015 में अपना वोट दिया था तो क्या किसी ने ऐसी उम्मीद की थी क्या? साथियो, देश की राजधानी दिल्ली का विकास 21वीं सदी की अपेक्षाओं, आकांक्षाओं, आवश्यकताओं के मुताबिक होना पूरे देश के लिए आवश्यक है, दिल्लीवासियों के लिए आवश्यक है। यह तभी संभव हो सकता है जब नकारात्मकता की राजनीति खत्म हो। जब राजनीति के मूल में देशवासियों, दिल्लीवासियों, राष्ट्र का हित हो। यह काम केंद्र में बीजेपी की एनडीए की सरकार भलीभाति कर रही है।

