संवाददाता/नई दिल्ली : श्री सतपाल जी महाराज ने त्रिदिवसीय सद्भावना सम्मेलन में हजारां लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के सर्वांगीण विकास के लिए आध्यात्मिक शक्ति का पुनर्जागरण परम आवश्यक है।
श्री सतपाल महाराज मानव धर्म के प्रणेता व सुविख्यात समाजसेवी उत्तराखण्ड़ सरकार में कैबिनेट मंत्री पिछले तीन दशक में पूरे भारत व विदेशों में भी अध्यात्मज्ञान के प्रचार व प्रसार में लगे हुए हैं जिनसे लाखो लोगों की सुशुप्त चेतना को जागृत कर एवं सभी धर्म और जाति के लोगों को आध्यात्म ज्ञान के सूत्र में बांधकर उन्हे केवल मानव मात्र के सेवा के लिए प्रेरित किया बल्कि भारत देश की गौरव-गरिमा को विकसित करने में उन्हे आरूढ़ किया और जो सबका लक्ष्य है अध्यात्म शक्ति को जागृत कर पुनः भारत को विश्वगुरु बनाना। यह त्रिदिवसीय सम्मेलन रामलीला ग्राउंड अजमेरी गेट श्री हंस जी महाराज के पुण्य तिथि के स्मृति में प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है ।
स्थानीय अजमेरी गेट स्थित रामलीला मैदान में मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन के प्रथम दिन देश -विदेश से पधारे भगवद्भक्तों को संबोधित करते हुए श्री सतपाल जी महाराज ने कहा कि भारतवर्ष को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए अध्यात्म ज्ञान का अधिक से अधिक प्रचार और प्रसार करें। उन्होंने कहा कि अध्यात्मज्ञान से ही भारत विश्वगुरु बनेगा| महाराज ने कहा कि एक जमाने में हमारा देश सोने की चिड़िया के नाम से विख्यात था क्योंकि भारत के पास अध्यात्म ज्ञान की शक्ति थी। श्री लंका, कंबोडिया, मॉरिशस, ऑस्ट्रेलिया में आपको बड़े-बड़े विशाल मंदिर एवं संस्कृति के अवशेष मिलेंगे। आज हम भारत की आध्यात्मिक शक्ति को भूल गए हैं। जिसके कारण आज हम पिछड़े हुए हैं। इसलिए हे भारतवासियों! भारत के गौरव को पहचानो। अध्यात्म ज्ञान का प्रचार-प्रसार करके भारत को फिर से विश्वगुरु का स्थान दिलाना है। विश्वगुरू की पदवी पर भारत को स्थापित करना है, ये हम सभी का संकल्प होना चाहिए।
