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रामराज्य के स्थापना के लिए हिंदुओं को हनुमानजी जैसी भक्ति और वीरता की आवश्यकता ! -सुरेश मुंजाल

संवाददाता/दिल्ली,24 अप्रैल| श्री हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर हिंदुओं में वीरता जागृत करने एवं रामराज्य के कार्य के लिए बल प्राप्त करने के उद्देश्य से हिन्दू जनजागृति समिति एवं अन्य समविचारी हिंदुत्ववादी संगठनो द्वारा दिल्ली में संतोषी माता मंदिर, कालका जी व सनातन धर्म मंदिर ग्रेटर कैलाश, फरीदाबाद में पंचमुखी हनुमान मंदिर सेक्टर 29, सिद्धपीठ हनुमान मंदिर एन.आई. टी., शिव मंदिर सैनिक कॉलोनी, सनातन धर्म मंदिर एस.जी.एम.नगर, श्री शिव मंदिर बल्लभगढ़, आगरा में नागरी प्रचारिणी मंदिर व श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, नॉएडा में श्री हनुमान मंदिर न्यू अशोक नगर, धारूहेड़ा के सोसाइटी मंदिर, मथुरा में बालाजी मंदिर वृन्दावन, हनुमान गढ़ी मंदिर पोतरा कुंड, हनुमान मंदिर महौली व देशभर में 757 स्थानो पर सामूहिक ‘गदापूजन’ का आयोजन किया गया । 

 

   इन कार्यक्रमो की प्रारंभ शंखनाद से हुआ। उसके पश्चात सामूहिक प्रार्थना, ‘गदापूजन’ अनुष्ठानश्री हनुमान की आरतीश्री हनुमान चालीसा के पाठ के साथ ‘श्री हनुमते नमः’ का सामूहिक जाप किया गया। ‘धर्मसंस्थापना के लिए हनुमानजी के गुणों को कैसे आत्मसात किया जाए’इस पर भी मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम के अंत में ‘रामराज्य की स्थापना के लिए सामूहिक प्रतिज्ञा’ ली गई।
     इस गदापूजन के पीछे की भूमिका बताते हुए सुरेश मुंजाल ने कहा, युगो युगो सें हनुमान जी के शौर्य के प्रतीक रूप में उनकी ‘गदा’ पहचानी जाती हैइसी दैवी गदा से उन्होने कई शक्तिशाली राक्षसों का वद्ध किया और भगवान श्री रामचंद्र के ‘रामराज्य’ में योगदान दिया। महाभारत के युद्ध में भी हनुमानजी ने अर्जुन के रथ के उपर बैठकर पांडवों को धर्मयुद्ध जीतने में दैवीय सहायता की थी। छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के लिए भी समर्थ रामदास स्वामी ने 11 मारुति की स्थापना की और शिवाजी महाराज के सैनिको को बल प्राप्त करवाकर दिया। आज 500 साल बाद पुनएक बार अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला विराजमान हुए है। ऐसे समय में हमें पुनः रामराज्य स्थापित करने के लिए हनुमानजी जैसी भक्ति और वीरता की अत्यंत आवश्यकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आज श्री हनुमान जयंती के मंगल दिन जगहजगह गदापूजन का आयोजन किया गया है।

दिल्ली, फरीदाबाद, नॉएडा आगरा मथुरा व धारुहेड़ा सहित देशभर में 757 स्थानो पर सामूहिक गदापूजन किया गया । इन स्थानों पर युवावर्ग व 300 से अधिक की संख्या में जिज्ञासु व धर्मप्रेमी उपस्थित थे ।