संवाददाता/नई दिल्ली| रामलीला मैदान में आयोजित त्रिदिवसीय सद्भावना सम्मेलन के अवसर पर जनसमूह को सम्बोधित करते हुए समाजसेवी श्री सतपाल जी महाराज ने आध्यात्मिक जागरण को विशिष्ट महत्त्व देते हुए कहा कि अध्यात्म को जीवन में प्रकट करना होगा | उन्होंने ज्ञान-विज्ञान के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि आत्मिक उत्थान से हमारी बौद्धिक क्षमता का विकास होता है जिससे हमारा आत्मबल मजबूत होगा और हम देश हित में निर्णय लेने में सहायक सिद्ध होंगे| हमें अपने विचारों को हिमालय की तरह ऊँचा तथा गंगा की तरह पवित्र बनाना होगा जिससे समाज में प्रेम, शांति तथा सद्भावना का वातावरण बन सके|
जीवन में ज्ञान-विज्ञान के समन्वय का होना आवश्यक: श्री सतपाल महाराज

