एनसीसी सिनियर अंडर ऑफिसर आरूषि जोहरी (गार्गी काॅलेज) जो लॉकडाउन के वक्त अपने घर से दूर है माता-पिता को याद करते हुए व्यक्त किये अपने कुछ शब्द :-
माँ-पापा आप ऐसे हमसे इतनी दूर बैठे जो हों न,
बस बतला दिया करो की आप सब ठीक तो हों न !
हम आपके करीब नहीं पर दिल के तो सबसे पास है न,
वीडियो कॉलिंग के ज़रिये दिनभर साथ भी तो है न!
ज़रूरी नहीं पूरी ज़िन्दगी आपका हाथ हमारे हाथों में हों ना,
बस आप दोनों स्वस्थ रहों विदेश में हमारे लिए इतना कर दोना !
माँ आप ठंड से थोड़ा सा ना वहा बच लेना,
भईया माँ को दर्द हों ना तो उनके पैर थोड़ा दबा देना!
भाभी “पापा को ज़्यदा मीठा कुछ मत दिया करना”,
इनकी परेज़ ना करने की ये बहुत पुरानी आदत है ना!
हाँ माना की आपके बिना घर अधूरा सा ही लगता है,
ये मंदिर और रसोईघर को, माँ की आदत जो पड़ गई है न!
पापा आप छोटी वाली की तो फिक्र बिल्कुल भी मत कर लेना,
क्यूंकि दीदी क्वारंटाइन में भी बड़े होने के सारे फर्ज़ बहुत अच्छे से निभा रही है न!
पापा आपको पता होना चाहिए की आपकी बच्चिया कितनी बहादुर है ना,
तो हम कैसे भी रहे यहां, बस आप दोनों वहां कभी हिम्मत मत हार ना!
बस अब जल्दी से वापिस आ जाना और हमें सीने से लगा लेना ना,
तब तक इस कोरोना को अपने से दूर और सावधानी रखना!
और हां, सिर्फ आपको नहीं,
हमें भी आपकी फिक्र होती है,
हमें भी आपकी याद आती है,
हमें आपके प्यार की आदत जो है न!

