
जेटली ने जोर देकर कहा कि यदि बैंकों और वित्तीय संस्थानों के संसाधनों को विभिन्न योजनाओं के जरिये असंगठित क्षेत्र को स्थानांतरित किया जाता है तो इससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के फायदे गिनाते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि वे काफी तेजी से आगे आए हैं और उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर एसएचजी महिलाओं की अगुवाई वाले हैं, इससे ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा मिली है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता अभियान 25 साल पहले कुछ इकाइयों के साथ शुरू हुआ था। आज इन इकाइयों की संख्या 85 लाख को पार कर गई है।
