टमकोली/ग़भाना, 27मई। ग़भाना के ग्राम-टमकोली में चल रहे श्रीमद्भगवत कथा महायज्ञ के छठे दिन समाजसेवी और आध्यात्मिक गुरु श्री सतपाल जी महाराज के अनुयायी आत्मज्ञानी साध्वी ज्योति बाई जी, साध्वी मुदिता बाई जी और साध्वी हेमा बाई जी आज कार्यक्रम में पहुँच कर सबको दर्शन दिया। साध्वी ज्योति बाई जी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि ईश्वर की असीम कृपा हुई है जो संतों का समागम और हरि कथा सुलभ हो रही है। आप सभी इसका भरपूर लाभ उठाएं। समय के सद्गुरु की शरणागत होकर आप सभी अपने ह्रदय में सत्य नाम को जानो और अपना उद्धार करें। क्योंकि हर युग में भगवान का सच्चा नाम ही सबका उद्धार किया था।
व्यासपीठ पर आसीन भागवताचार्य संतोष भारद्वाज जी महाराज ने भगवान श्रीष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान सबकी भावनाओं को देखते हुए अनेक रूप धारण करते है और सबको अपनी बाल छवि का दर्शन देकर सबके जीवन को धन्य कर दिया। भगवान के अनेको रूप होते है इसलिए आप सभी गलती से भी किसी जीव का अनहित न सोचे क्योंकि सभी भगवान की सृष्टि के अंश है। भगवान ने बचपन से ही अनेक लीलाओं को दिखाया और ग्वालवालों सहित समस्त संसार के दुःख-संतापों को हरा।
आरती पूजन के साथ आज के कार्यक्रम को विश्राम किया गया। कार्यक्रम दोपहर 1 से सायं 6 बजे तक चला।

