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जलभराव क्षेत्रों से तत्काल करें निकासी,अधिकारियों को आवश्यक निर्देश : अतुल कुमार

संवाददाता / रोहतक :  उपायुक्त अतुल कुमार ने सम्भावित जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की तत्काल निकासी करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पम्पिंग मशीनरी को चुस्त-दुरस्त करके बरसाती पानी की निकासी के लिए पहले ही स्थापित करले ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उपायुक्त आज अपने कार्यालय में अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विशेषकर बिजली, सिंचाई, जनस्वास्थ्य, नगर निगम के अधिकारी जलभराव की समस्या की जानकारी मिलते ही सकारात्मक ढंग से कार्यवाही करें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर आने वाली समस्याओं का सही व स्टीक जवाब देने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारी एक जिम्मेवार कर्मचारी की तैनाती करें। उन्होंने कहा कि ट्वीटर के माध्यम से सही और पुख्ता जवाब भेजा जाना चाहिए। इसकी समीक्षा स्वयं मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिदिन की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की समस्या का निदान अधिकारी अपने स्तर पर सुनिश्चित करने का प्रयास करें। यदि समस्या उनके क्षेत्र से बाहर है तो वे अपने उच्च स्तर के अधिकारियों की संज्ञान में लाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि वे किसी भी समय किसी भी तरह की समस्या बारे उन्हें दूरभाष पर जानकारी दे सकते है। इसके बारे उन्हें खुशी होगी कि अधिकारी रूचि लेकर समस्या का समाधान कर रहे है और उनके संज्ञान में ला रहे है। यदि कोई अधिकारी जनता से जुड़ी हुई समस्याओं के प्रति लापरवाही करेगा तो वह बर्दास्त नहीं होगी। पूर्ण तालमेल के साथ गर्मी व बरसात के मौसम में आने वाली समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने कहा कि संबंधित विभागों के अधिकारी जलभराव की समस्या बारे अस्थाई रूप से कंट्रोलरूम स्थापित करें। उन्होंने कहा कि भालोठ पॉवर हाऊस में पानी भरने से 8-10 गांव में बिजली की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि रिटेनिंग वाल बनाने के लिए 25 जून को टेंडर आमंत्रित किये जा रहे है। उन्होंने निगम के अधिकारियों को अस्थाई व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि कन्ट्रोल रूम में पानी न भर सकें। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नाले व ड्रेन की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए ताकि आगामी बरसात से पूर्व पूरा किया जा सकें। सामान्यतः जल निकासी ने लगभग 8 से 10 घंटे लग जाते है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि बारीश के तुरंत बाद पानी की निकासी संभव हो सकें।

उन्होंने कहा कि नगर निगम के तहत आने वाले 8 गांवों में जमा होने वाले पानी की निकासी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी करेंगे। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र में जलभराव की निकासी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी करेंगे। जिन क्षेत्रों में जलभराव की दिक्कत आती है, उनका अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर दौरा करके पंप स्थापित करने व अन्य कार्य बारे आवश्यक निर्णय लें। उन्होंने हुडा सैक्टर 2-3 में पानी की निकासी के लिए बनाये जाने वाले डिस्पोजल बारे आवश्यक जानकारी लेने पर अधिकारियों ने बताया कि डिस्पोजल स्थल का निर्णय लेने के लिए कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। इसी प्रकार एचएसआईडीसी परिसर में डिस्पोजल बनाने का कार्य शीघ्र ही किया जाएगा। उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों को बरसात के दिनों में बिजली की समस्या प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बैठक के बाद सुखपुरा चौक पर शीला बाईपास से डिस्पोजल बोहर, जींद रोड़, हिसार रोड़ व सुनारियां चौक पर अधिकारियों के साथ दौरा कर पानी की निकासी के लिए सीवरेज लिंक करने के निर्देश दिए। इन तीनों स्थानों पर लिंक हो जाने पर पानी की तत्काल निकास संभव हो सकेंगी। उन्होंने हैफेड गोदाम पर पुलिया तोडकर बड़ा पाईप डालने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार, नगराधीश महेंद्र्रपाल, एसडीएम महम निर्मल नागर, एसडीएम सांपला तरूण पावरिया, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी व नगर निगम के योजनाकार केके वाष्र्णेय सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।