संवाददाता/हापुड़, 24सितम्बर। श्री मुरारी सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में हापुड़ के आवास विकास कालोनी स्थित हर श्री नाथ मंदिर के नजदीक ग्राऊंड में चल रहे सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित विपिन शास्त्री जी महाराज ने पांडाल में उपस्थित भक्त समुदाय को सम्बोधित करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा करने के लिए समय-समय पर महापुरुषों का अवतार होता है, ज़ब-ज़ब धर्म की हानि और अधर्म का बोलबाला हो जाता है, ज़ब भक्तों के ऊपर संकट आ जाता है, तब भक्तों की रक्षा करने के लिए भगवान साकार रूप में आते है और भक्तों की रक्षा करके दुष्टों का संहार करते है।
श्रीमद्भगवत कथा के दूसरे दिन भगवान के 24 अवतारों का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि बाराह, मत्स्य, कच्छप, भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण जैसे 24 अवतारों की कथा का विस्तार से वर्णन किया। प्रसंग के दौरान कहा कि धुंधकारी और गोकर्ण दो भाई थे लेकिन संगति की वजह से दोनों की अलग-अलग गति हुई। साथ ही राजा परीक्षित के जन्म और उनके उद्धार के बारे बताया कि ज़ब कलिकाल का प्रभाव पड़ा तो राजा परीक्षित ने कुकृत्य किया और उसका परिणाम कितना भयावह हुआ यह सब आपके सामने शास्त्रों में प्रमाण है। अनीति और अधर्म का मार्ग कितना दुःखकारी और विनाशक होता है, यह सब जानते है। हमारे शास्त्रों और ऋषि-मुनियों ने जो मार्ग बताया उसका हम अमल नहीं करते और नाही उसका अनुसरण करते है। ‘महाजनों येन गतः सः पंथा’, अर्थात जिस मार्ग पर हमारे ऋषि-मुनियों और महापुरुष चले उसी का अनुशरण करने में सबका कल्याण है। कथा के दौरान कालकारों द्वारा सुंदर झांकी भी निकाली गयी। सभी भक्तों ने झांकी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और गोप गोपियों के सुंदर झांकी का लाभ उठाया।
कथा के मुख्य यजमान श्री बृजेश शर्मा (परीक्षित) द्वारा व्यासपीठ पर आसीन पं. विपिन शास्त्री जी का फूल-माला और तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। साथ ही मंचासीन सभी कलाकारों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। श्री पवन भाष्कर (सभासद), श्री विनीत त्यागी(पूर्व सभासद), पवन कश्यप, राजू शर्मा, हरीश शर्मा, ओमदत्त त्यागी, राहुल त्यागी, सुशील वर्मा, के.पी.सिंह, पीयूष वर्मा, अमित गिरी और कपिल त्यागी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दिल्ली से आए भजन गायक कलाकार अमर दास ने अपने सुमधुर भजनों द्वारा सबको लाभान्वित किया।
दूसरे दिन की कथा आरती पूजन के साथ आज के कार्यक्रम को विश्राम किया गया। मंच संचालन धुरन्धर चौहान ने किया। कार्यक्रम सायं 4 से 7 बजे तक चला।

