
संवाददाता/शास्त्रीनगर,मेरठ, 30मार्च| प्रसिद्ध समाजसेवी और आध्यात्मिक गुरु परमपूज्य श्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा मेरठ द्वारा शांति पैलेस, गुरुद्वारा रोड शास्त्रीनगर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने कहा कि
यदा यदा ही धर्मस्य, ग्लानिर्भवति भारत!
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम सृजाम्यहम!!
परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च दुष्कृताम,धर्म
संस्थापनार्थाय सम्भावामी युगे-युगे !!
कर्मयोग शास्त्र गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि जब-जब धर्म की हानि होती है, अधर्म बढ़ जाता है तब-तब धर्म की स्थापना करने लिए और भक्तों की रक्षा करने और दुष्टों का संहार करने के लिए मनुष्य श्री धारण करके मै स्वयं इस धराधाम पर आता हूँ| द्वापर युग में जब आततायी कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार के काल कोठरी में बंद कर दिया तब स्वयं भगवान ने अवतार लेकर आततायी से मुक्त कराया और कंस के आतंक से भयभीत समस्त जीवों का कल्याण किया| जिस प्रकार ने जेल में जन्म लेकर जेल के सभी दरवाजे खोल दिए उसी प्रकार समय के महापुरुष इस धराधाम पर आकर आत्म ज्ञान देकर देते है और मोह माया रूपी जेल में बंद समस्त मानव समाज को मुक्त करते है| भगवान ने जन्म लेते ही अनेक बाल लीलाए किये| और अनेक दानवप्रवृति के आततायियो का उद्धार किया और
भगवान की बाल लीलाओ का वर्णन करते हुए साध्वी जी ने कहा कि धरती पर जब पाप और अत्याचार बढ़ जाता है तब भगवान स्वयं नर रूप में आकर समस्त जीव प्राणी की रक्षा करते है और सुख-शांति प्रदान करते है| भगवान कृष्ण की सुंदर झांकी भी निकाली गयी| भगवान की बाल रूप का दर्शन करके भक्त समुदाय फुले नही समा रहे थे| एसे प्रतीत हो रहा था जैसे मानो गोकुल से समस्त ग्वाल-वाल इस शांति पैलेस में आकर नटखट कान्हा के साथ रास में भाग ले रहे थे| साध्वी दर्शनी बाई जी ने कहा कि सुखो बाई और अनेक भक्तों का उदहारण देते हुए समस्त भक्त समुदाय को अपने भक्ति मार्ग पर चलकर अपना समस्त जीवन व्यतीत करने की प्रेरणा दी|
दिल्ली से आये हुए हंस भजन मण्डली के सुप्रसिद्ध भजन गायक कलाकारों ने “कृष्णा, कृष्णा आये कृष्णा, जगमग हुआ रे अंगना, सारे तीर्थधाम आपके चरणों में, हे कान्हा प्रणाम आपके चरणों में और प्रभु प्रेम की बजा दो बंशी रे, कही बैर ना रहे नफरत ना रहे जैसे अनेक सुमधुर भजनों द्वारा श्रोतागण को भावबिभोर कर दिया| आज के यजमान लटूर सिंह चौहान द्वारा कथा व्यास और दिल्ली से आये हुए भजन गायक कलाकारों का राधे-कृष्ण के पट्टे, फूलमाला और वस्त्रदान कर स्वागत किया| संस्था के शाखा प्रधान देवेन्द्र सिंह, नेहा सिंह, श्रीमती शारदा अत्री और अनेक कार्यकर्त्ता मौजूद रहे| आरती के पश्चात् माखन मिश्री का छप्पन भोग का प्रसाद वितरण किया गया| कथा दोपहर 1 बजे शुरू होकर सायं 5 बजे तक चला| सबने मिलकर आरती और प्रसाद ग्रहण किया|
