
प्रधानमंत्री ने यहां करीब एक हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद कहा, ‘‘हर समस्या का समाधान आखिर विकास में ही है। पहले ऐसी सरकारें आयीं, जिनमें विकास से नफरत जैसा माहौल था। उनके लिये सरकारी तिजोरी चुनाव जीतने के कार्यकमों में तबाह हो जाती थी। हमारी कोशिश है कि विकास के वे सपने साकार हों, ताकि गरीब की जिंदगी में बदलाव लाने का अवसर तैयार हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप किसी भी गरीब से बात कीजिये, उससे पूछिये कि आपने जैसी जिंदगी गुजारी, क्या आप अपने बच्चों के लिये भी वैसी ही जिन्दगी पसंद करेंगे। गरीब से गरीब व्यक्ति भी कहता है कि मेरे नसीब में जो था, मैंने भुगता लेकिन मैं नहीं चाहता हूं कि मेरी आने वाली पीढी ऐसी गरीबी की जिंदगी जीने को मजबूर हो। किसी गरीब के दिल में अपनी संतानों को विरासत में गरीबी देने की इच्छा नहीं है। हर गरीब का अपनी भावी पीढ़ी के लिये जो सपना है, वही सपना मेरी सरकार का भी है।’’ मोदी ने कहा कि उनकी सरकार यही प्रयास कर रही है कि सारी योजनाएं ऐसी हों, जो समाज के हर तबके में सशक्तीकरण लाएं। आज देश तेज गति से प्रगति कर रहा है। यह विकास गरीब और मध्यम वर्ग के कल्याण को केन्द्र में रखकर हो रहा है। अनेक साहसपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं और 20-25 साल से लटके मुद्दों का निपटारा बड़ी हिम्मत से किया जा रहा है। हिम्मत से फैसले किये जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। भारत बदल रहा है। हमें पूर्वी उत्तर प्रदेश को भी बदलना है। जैसी पश्चिम की ताकत है, वैसे ही पूरब की भी ताकत हो। हमें विश्वास है कि यहां के आर्थिक और सामाजिक जीवन तथा मूलभूत ढांचे में बदलाव लाने के लिये यह योजनाएं काम आएंगी। साभार: प्रेट्र
