
मौजूदा समय में उन्हें चारबाग तक पैदल चलकर जाना पड़ता है। ये ब्रिज एनईआर स्टेशन के कॉनकोर्स एरिया को कनेक्ट करता है। यहां जाने के लिए प्लेटफार्म टिकट की जरुरत भी नहीं पड़ेगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए लखनऊ मेट्रो ने एनईआर से अनुमति भी ली है। आने वाले समय में आलमबाग आईएसबीटी भी तैयार हो जाएगा। यहां भी इंटरलिंक व्यवस्था की जा सकती है। खास बात ये है कि मेट्रो के सफर में दिव्यांगों का ख्याल तो रखा ही जाएगा। साथ ही उन्हें ऐसे केस में व्हील चेयर भी स्टेशन के बाहर ले जाने की अनुमति मिल सकेगी। इसके लिए उन्हें अपनी आईडी काउंटर पर जमा करानी होगी जो व्हील चेयर लौटने पर वापस हो जाएगी। एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव ने बताया कि एनईआर के यात्रियों द्वारा इस स्टेशन का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। क्योंकि उनके पास पहले कोई विकल्प नहीं था, लेकिन अब ट्रेन से उतरते ही यात्री मेट्रो में सफर कर सकेंगे।
