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अध्यात्म-ज्ञान से ही जीव का कल्याण सम्भव-साध्वी दर्शनी बाई

 संवाददाता/टटीरी मण्डी, बागपत, 06 सित0। मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा श्री हंस सत्संग भवन, रेलवे रोड अग्रवाल मण्डी, टटीरी में स्थित अग्रवाल धर्मशाला के प्रांगण में संगीतमय सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म-कथा महायज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने भक्त ध्रुव के जीवन-चरित्र को समझाते हुए कहा कि भक्तों में सबसे कम उम्र में भक्ति करके ध्रुव ने जो मिशाल प्रस्तुत किया ओ अतुलनीय है। यह इतिहास के पन्नों में सदैव लिए अमर हो गया। जिन भक्तों ने भगवान की भक्ति की और सत्य मार्ग पर चले उनका नाम अमर हो गया। आज हम उन्हीं भक्तों की पूजा करते है।मानव धर्म के प्रणेता और आध्यात्मिक गुरू श्री सतपाल जी  महाराज की परम शिष्या कथा व्यास साध्वी जी ने भक्तोें को समझाते हुए कहा कि कपिल भगवान अपनी माता को भक्ति के बारे में समझाते हुए कहते है कि अध्यात्म ज्ञान से  जीव का कल्याण होता है। यह सुनकर माता देवहूती ने कपिल भगवान से उस आत्म-ज्ञान जानने की इच्छा ब्यक्त की, तब कपिल भगवान ने अपनी  माँ को आत्म-ज्ञान को जनाकर भगवान का दर्शन उनके जीवन में कराया। तब भगवान का भजन करके अपना जीवन सार्थक बनाया।कथा में आज के यजमान मुकेश वर्मा और धर्मपत्नि श्रीमती कुशुमलतादेवी ने साध्वी दर्शनी बाई जी और सहयोगी महात्मा द्वितीया बाई, महात्मा धनिष्ठा बाई जी, सरीता बहन व भजन गायक कलाकारों का श्रीराधे-कृष्ण के पट्टे पहनाकर स्वागत किया।साथ ही दिल्ली व अनेक स्थानों से पधारें हुए भजन गायक कलाकार अमर रंगीला, प्रकाश कुमार (तबलावादक), धुरन्धर चैहान -भजन बिना चैन ना आये राम, अब जान ले आत्म-ज्ञान, ओ बन्दे, तुझको मिले भगवान, झूठी दुनिया से घबरा रहा हूँ,तेरे चरणों में आ रहा हूँ, जैसे अनेक सुमधुर भजनों द्वारा सबको भाव-विभोर कर  दिया।बबलू गोयल,मास्टर गजराज, संजीव शर्मा, अतुल गोयल, सुनील, अंकुर शर्मा, राजकुमार, राजेश कुमार, मुकेश, अनिल गोयल, अजय गोयल, प्रमोद गोयल, दिनेश, श्रवण, चमन, संदीप गोयल, देवकुमार, रामकिशन, रूचि गोयल, कमला देवी, केशवती, आदि उपस्थित थे। कथा दोपहर 1 से प्रारम्भ होकर सायं 5 बजे तक चला। आरती-प्रसाद के साथ आज के कथा का विश्राम किया गया।