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अध्यात्म ज्ञान से ही जीव का कल्याण सम्भव- साध्वी दर्शनी बाई

मेरठ कैंट, 26 जूलाई। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में वेस्ट एण्ड रोड, मंदिर मार्ग मेरठ कैंट में स्थित मानव धर्म मंदिर के प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म-कथा महायज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने भगवान की अवतार कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भक्त ध्रुव के जीवन चरित्र को समझाते हुए कहा कि भक्तों में सबसे कम उम्र में भक्ति करके ध्रुव ने जो मिशाल प्रस्तुत किया ओ अतुलनीय है। यह इतिहास के पन्नों सदैव लिए अमर हो गया। जिन भक्तों ने भगवान की भक्ति की और सत्य मार्ग पर चले उनका नाम अमर हो गया। आज हम उन्हीं भक्तों की पूजा करते है।
मानव धर्म के प्रणेता और आध्यात्मिक गुरू श्री सतपाल जी महाराज की परम शिष्या कथा व्यास साध्वी जी ने भक्तों को समझाते हुए कहा कि कपिल भगवान अपनी माता को भक्ति के बारे में समझाते हुए कहते है कि अध्यात्म ज्ञान से जीव का कल्याण होता है। यह सुनकर माता देवहूती ने कपिल भगवान से उस आत्म-ज्ञान जानने की इच्छा ब्यक्त की, तब कपिल भगवान ने अपनी माँ को आत्म-ज्ञान को जनाकर भगवान का दर्शन उनके जीवन में कराया। तब भगवान का भजन करके अपना जीवन सार्थक बनाया।
कथा में आज के यजमान राकेश और धर्मपत्नि श्रीमती सुनीता देवी ने साध्वी दर्शनी बाई जी और सहयोगी साध्वी धनिष्ठा बाई जी, सरीता बहन व भजन गायक कलाकारों का फूल-माला और श्री राधे-कृष्ण के पट्टे से स्वागत किया।
साथ ही दिल्ली व अनेक स्थानों से पधारें हुए भजन गायक कलाकार अमर रंगीला, सुरेन्द्र कुमार (सितारवादक), प्रकाश कुमार(तबलावादक),रवि टिकेकर और पड़ोसी देश नेपाल से पधारी हुई प्रसिद्ध भजन गायिका सरगम गायत्री ने-भजन बिना चैन ना आये राम, साँचा तेरा नाम, तु ही बनाये बिगड़े काम, अब जान ले आत्म-ज्ञान, ओ बन्दे, तुझको मिले भगवान, झूठी दुनिया से घबरा रहा हूँ जैसे अनेक सुमधुर भजनों द्वारा सबको भाव विभोर कर दिया।
शाखा प्रधान देवेन्द्र सिंह, राजेश गोयल, लटूर चौहान, सतेन्द्र सिंह, नेपाल सिंह, भँवर सिंह, दिनेश, अरूण और अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे। मंच संचालन धुरन्धर चौहान ने किया। कथा दोपहर 2 से प्रारम्भ होकर सायं 5 बजे तक चला। आरती-प्रसाद के साथ आज के कथा का विश्राम किया गया।