खण्डेहा/जटारी/टप्पल, 3जून। टप्पल के ग्राम खण्डेहा में भोजू वाला मंदिर के प्रांगण में चल रहे श्रीमद्भगवत कथा महायज्ञ के सातवें दिन और अंतिम दिन कथा व्यास पंडित प्रेमपाल भारद्वाज ने कहा कि जिस प्रकार ज्ञानी पुरुष सुकदेव मुनि से राजा परीक्षित ने सात दिनों तक ध्यानपूर्वक कथा का रसपान कर अपना कल्याण किया ठीक उसी तरह ध्यानपूर्वक कथा श्रवण करने से निश्चय ही हमारा कल्याण होगा।
कथाव्यास भारद्वाज ने कि विना अध्यात्म ज्ञान(दीक्षा) के भवसागर रूपी संसार से पार नहीं हो सकते है। इसलिए समय के सद्गुरु की शरणागत होकर आत्म-तत्व की प्राप्ति करें और भजन-साधना करके अपना कल्याण करें। कथाव्यास पंडित श्री प्रेमपाल भारद्वाज जी और सभी गायक कलाकारों का फूल-मालाओ और तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
राजा परीक्षित की तरह ध्यानपूर्वक कथा का श्रवण से भक्तों का होता है कल्याण -प्रेमपाल भारद्वाज

