संवाददाता/हरिद्वार। धूम सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल, सीतापुर के निदेशक मुकुल चौहान ने कहा कि सहानुभूति और आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देने में भाषा विविधता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के साथ जुड़कर, व्यक्ति वैश्विक मुद्दों पर व्यापक दृष्टिकोण विकसित कर सकते हैं, समझ और करुणा को बढ़ावा दे सकते हैं।भारत में भाषाई विविधता का मतलब है कि देश में कई अलग-अलग भाषाएँ बोली जाती हैं। संविधान द्वारा 22 आधिकारिक भाषाओं को मान्यता दी गई है, और कुछ राज्यों की अपनी आधिकारिक भाषाएँ भी हैं।
बताते चलें कि डीएसएम पब्लिक स्कूल, सीतापुर में सीबीएसई – भारतीय भाषा समर कैंप 2025 का आयोजन किया जा रहा है।
डीएसएम पब्लिक स्कूल में भारतीय भाषा समर कैंप छात्रों ने पंजाबी भाषा थीम पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए

