
संवाददाता/मेरठ: सुप्रसिद्ध समाजसेवी श्री सतपाल जी महाराज की प्रेरणा से शांति पैलेस में चल रहे भागवत कथा के दुसरे दिन कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने भगवान के अवतार कथा के माध्यम से कहा कि भगवान का इस धराधाम पर अवतरण किसी विशेष उदेश्य से होता है, कोई न कोई विशेष कारणों से भगवान का मानव शरीर में आना होता है| धर्म की स्थापना और अधर्म पर अंकुश लगाने के लिए महापुरुषों का इस धराधाम पर आना होता है| भगवान ही स्वयं सतगुरु रूप में मानव का शरीर धारण करके आते है और भटके हुए मानव को अध्यात्म ज्ञान देकर उसे सत्य के मार्ग पर लगाते है| जिसपर चलकर मानव अपना कल्याण करता है| अर्थात भक्तों की रक्षा और असुरो का संहार करने के लिए भगवान ने अनेक रूप धारण करके इस धरती पर आये| आज भी हमे उस परमात्मा के पावन नाम को जाने के लिए समय के सच्चे सद्गुरु की पहचान करके उनके द्वारा दिए गये नाम-दान को जानकर भजन साधन करना होगा तभी हमारा कल्याण संभव है|
मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में चल रहे कथा के दौरान भक्त ध्रुव और प्रहलाद के चरित्रों का वर्णन करते हुए साध्वी दर्शनी बाई जी ने कहा कि सत्य और असत्य, धर्म और अधर्म का सबसे बड़ा उदाहरण भक्त प्रहलाद और भक्त ध्रुव है| जिन्होंने भगवान के भरोशे रहते हुए अधर्म और असत्य का डटकर सामना किया| अंत में सत्य की विजय हुई|
कथा के दौरान दिल्ली से आये हुए हंस भजन मण्डली के सुप्रसिद्ध भजन गायक कलाकारों ने- मारने वाला है भगवान, बचाने वाला है भगवान, जागो दुनियावालों, और जानो सत्यनाम, बिना नाम जाने ना होगा कल्याण, और भक्त जब याद करते है, तो भगवन दौड़े आते है, जैसे अनेक सुमधुर भजनों द्वारा श्रोतागण को भावबिभोर कर दिया| अनेक कलाकारों द्वारा मनमोहक झांकियां भी निकाली गयी| जब वामन भगवान अवतार रूप में सामने आये तो भक्त भगवान के दर्शन कर फुले नही समाये और भगवान के सामने खूब जमकर ठुमके लगाये| भक्त और भगवान के बिच का एक अनुपम दृश्य लौकिक हो रहा था|
कथा दोपहर 1 बजे शुरू होकर सायं 5 बजे तक चला| सबने मिलकर आरती और प्रसाद ग्रहण किया|
