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कैंट स्थित मानव धर्म मंदिर में हवन और भण्डारे के साथ कथा का समापन

मेरठ कैंट, 31 जूलाई। मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में वेस्ट एण्ड रोड, मंदिर मार्ग मेरठ कैंट में स्थित मानव धर्म मंदिर के प्रांगण में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत आत्म-कथा महायज्ञ के आठवें दिन आज हवन और भण्डारे के साथ कथा का समापन किया गया।
प्रसिद्ध समाजसेवी और आध्यात्मिक गुरू श्री सतपाल जी महाराज की परम शिष्या कथा व्यास साध्वी दर्शनी बाई जी ने उपस्थित भक्तों को कहा कि जैसे राजा परिक्षित को आत्म-ज्ञान द्वारा मोक्ष मिला, अर्जुन को भगवान श्री कृष्ण ने अध्यात्म-ज्ञान देकर मोह रूपी अन्धकार दूर कर कर्मयोगी बनाया। सभी भक्तों को नाम-दान लेने के लिए प्रेरित किया। और उपस्थित भक्तों को पुरे कथा को तन्मयता पूर्वक सुनने के लिए और प्रशासन को भी सहयोग के लिए धन्यवाद किया। सभी धर्मशास्त्रों में अनेक भक्तों की कहानियां उदाहरण के रूप में हम सभी के सामने है।
कथा में सातों दिनों के यजमान राकेश गोयल, और धर्मपत्नि सुनीता देवी, लटूर सिंह चौहान धर्मपत्नि कमलेश देवी, सुनील बाना धर्मपत्नी ज्योति देवी, नारायन सिंह चौहान धर्मपत्नि पुष्पा देवी, नेपाल सिंह चौहान धर्मपत्नि इन्द्रेस देवी, विनित चौहान धर्मपत्नि शिखा देवी और बी.एस.गुप्ता धर्मपत्नि मंजू देवी सभी ने व्यास पूजन किया। यज्ञ में सभी ने भाग लेकर हवन में अपनी-अपनी आहूति दी। हवन से पूरा वातावरण की शुद्धिकरण हुई।
सभी यजमानों ने दिल्ली व अनेक स्थानों से पधारें हुए भजन गायक कलाकार अमर रंगीला, सुरेन्द्र कुमार (सितारवादक), प्रकाश कुमार(तबलावादक),रवि टिकेकर, दीपक कुमार, धुरन्धर चौहान और पड़ोसी देश नेपाल से पधारी हुई भजन गायिका सरगम गायत्री का जोरदार स्वागत किया।
मानव सेवा दल के अनेक स्वयं सेवक, स्वयं सेविकाओं और यूथ टीम के अनेक कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना भरपूर योगदान दिया। राजेश गोयल, देवेन्द्र सिंह, सोनवीर, बलवीर, श्रीराम, राकेश गोयल, दिनेश, राहुल, भँवर सिंह, नेपाल सिंह चौहान, कुलदीप, पुष्पा शर्मा, दिव्या चौहान, ललिता देवी, पारूल, उषा अग्रवाल सुनीता और अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे। हवन प्रातः 9 से प्रारम्भ होकर 12 बजे तक चला। तत्पश्चात आरती-प्रसाद के साथ कथा का समापन किया गया। भण्डारा बी.एस.गुप्ता ने दिया। आज का हलवे का प्रसाद रविन्द्र तोमर पिता शिशपाल सिंह तोमर की तरफ से बांटा गया। सबने आरती-प्रसाद और भण्डारे का भरपूर लाभ लिया