संवाददाता/गंगटोक 19 फरवरी : उत्तरपुर्वांचल क्षेत्रो के दार्जीलिंग, तराई डुवर्स,सिक्किम, भूटान में मानव धर्म प्रचार प्रसार का पचास वर्ष का सफर पूरा होने पर स्वर्ण जयन्ती समारोह के अवसर पर दो दिवसीय सद्भावना कार रैली विगत रविवार को गेजिंग बजार में समापन किया गया। दो दिवसीय इस कार रैली में दक्षिण सिक्किम से पश्चिम सिक्किम तक आयोजन किया था। मानव उत्थान सेवा समिति के प्रणेता तथा धर्म गुरू सतपालजी महाराज के छत्रछाया में हिमाली क्षेत्र में आध्यात्मिक प्रचार का स्वर्ण जयन्ती का आयोजन कार रैली का पहला दिन मल्ली बजार से शुरूआत किया गया था।उसके पश्चात पश्चिम सिक्किम के दरामदिन में समापन किया ।
मानव उत्थान सेवा समिति के सिक्किम राज्यद्वारा आयोजित इस आध्यात्मिक चेतना जागृति कार रैली में विभिन्न स्थानो से पधारे समिति के साध्वीगणद्वारा संबोधित किया गया।अध्यात्मिक सम्बोधन के माध्यम से समझाते हुए साध्वी ने कहा कि शान्ति न तो बन्दुक गोली में है न कि कठोर कानुन द्वारा शान्ति प्राप्त किया जा सकता है बशर्ते अध्यात्म ज्ञान का साक्षात अनुभूतिद्वारा स्वत मानव ह्रदय से प्रफुलित होता है।उन्होंने बताया कि भौतिक सम्पति, भौतिक शिक्षा, भौतिक पद प्रतिष्ठा तथा भौतिक क्रियाकलाप से अब तक किसी को शांति प्राप्त नही हुआ है। आगे उन्होंने बताया कि विश्व के इतिहास में आज तक प्रमाणित है कि शांति प्राप्त करने के लिए आध्यात्मिक अनुभूति ही एक मात्र साधन है।
शान्ति भाषण में नही आत्मा अनुभूति प्राप्त करने का विषय है। विश्व में प्रत्येक मानव अपना ह्रदय में शान्ति का अनुभूति न करने से विश्व में अशान्ति आतंकवाद, हाहाकार हो रहा है। कार रैली पश्चिम सिक्किम के गेजिंग बजार पहुचने पर समापन कार्यक्रम के दौरान मानव उत्थान सेवा समिति के सभी प्रेमीभक्त्तों ने हाल ही में आतंकी आक्रमण में शहीद हुए सेना के जवान को श्रद्धांजलि तथा आत्मा शान्ति हेतु मोमबत्ती जलाकर संवेदना प्रकट की गई।
इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बब्बू तामांग ने बताया कि आयोजित सद्भावना सत्संग समारोह में प्रभारी महात्मा अखिलेश बाइजी,महात्मा पुष्पवती बाइजी, महात्मा तारिका बाइजी, महात्मा ज्ञान बाइजी, महात्मा वृन्दा बाईजी, महात्मा अनिमा बाईजी, महात्मा कृतिका बाईजी, महात्मा सरला बाईजी ने सम्बोधन किया।

