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मोदी के समर्थन में आये भागवत और रामदेव

प्रेट्र/मथुरा : आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और योगगुरू बाबा रामदेव आज नोटबंदी एवं जीएसटी के बाद जीडीपी में आई गिरावट के कारण विपक्षी दलों के निशाने पर आये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में आगे आये।यहां निकुंज वन में आयोजित मानसी ध्यान केंद्र के उद्घाटन अवसर पर संघप्रमुख मोहन भागवत ने लोगों को पुरुषार्थ करने और मोदी-योगी को समर्थन देने की अपील की। योगी ने कहा कि जब तक गांव गांव शहर शहर में मंदिर और संत समाज है भारत भारत बना रहेगा।

भागवत ने कहा, ‘मोदी-योगी दोनों 18/18 घण्टे काम कर रहे हैं। उनका काम देश एवं प्रदेश के विकास की योजनायें बनाना है। देशवासियों को भी कड़ी मेहनत करने का संकल्प लेना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘जिस प्रकार संत आने वाले वर्षों में भारत के विश्व गुरू बनने की भविष्यवाणी कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनकी वाणी सफल होगी। भारत वास्तव में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार हो रहा है। हमें भी वर्तमान परिस्थितियों से ऐसी अनुभूति हो रही है, लेकिन इसके लिए सभी दृढ़ संकल्प लेना होगा।’ बाबा रामदेव ने कहा कि यदि देश के सवा सौ करोड़ लोगों में से ढाई करोड़ उनके (प्रधानमंत्री) साथ आ जाये तो निश्चित ही भारत जल्द ही विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता पा लेगा। रामदेव आज वृन्दावन में दो स्थानों पर आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों को संबोधित किया।
रामदेव ने कहा, ‘आजकल जीडीपी को लेकर काफी सवाल उठाए जा रहे हैं। मोदी पुरुषार्थ कर रहे हैं और मीडिया वाले उन्हें बदनाम कर रहे हैं। ये तो आंकड़े हैं, और आंकड़े तो गलत भी हो सकते हैं।…..देश में 125 करोड़ लोग हैं। यदि इनके 250 करोड़ हाथों का साथ मिल जाए तो मोदी जो न्यू इण्डिया का सपना देख रहे हैं, वह पूरा हो जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘ऊपर (केंद्र सरकार) मोदी हैं, नीचे (उत्तर प्रदेश सरकार) योगी हैं। इनकी मदद करें तो देश व प्रदेश, दोनों का कल्याण हो जाएगा। मोदी के सपनों का भारत बन जाएगा और योगी के सपनों का रामराज स्थापित हो जाएगा।’ रामदेव ने सलाह देते हुए कहा, ‘हम सभी को मिलकर पुरुषार्थ करना चाहिए। संकल्प लें कि आप स्वयं एक व्यक्ति न होकर सम्पूर्ण राष्ट्र की अभिव्यक्ति हैं। यदि हम रामराज्य की कल्पना साकार होते हुए देखना चाहते हैं तो एकजुट हो प्रयास करें। ऐसा करने पर शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज और जीवन के सभी क्षेत्रों में प्रगति होगी। राष्ट्र आगे बढ़ेगा।’ उन्होंने मोदी को भी सलाह दी, ‘यदि देश को आर्थिक महाशक्ति के रूप में देखना चाहते हैं तो आलोचनाओं की चिंता न करें। शुद्ध नीयत से सही नीति निर्माण करें। देश खुद पीछे-पीछे चलने लगेगा।’ उन्होंने कहा, ‘अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे विश्व की तमाम अग्रणी संस्थाएं अमेरिका में ही हैं। हमें भी कुछ ऐसा करना चाहिए कि अगले कुछ वर्षों में डब्ल्यूएचओ का मुख्यालय हिन्दुस्तान में स्थापित हो जाए। लेकिन, अफसोस यह है कि हम बातें तो बहुत करते हैं लेकिन उन पर अमल नहीं करते।’