हिम बहादुर/सिलीगुड़ी : मानव उत्थान सेवा समिति पश्चिम सिक्किम के तीन तहसील दरामदिन, जोरथांग तथा गेजिंग के बालसभा एवं युवा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित एक दिवसीय “आत्मा ज्ञान जीवन को आधार” के ऊपर आधारित कार्यक्रम गेजिंग के सामुदायिक भवन में रविवार को सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम समिति के उत्तरपुर्वांचल क्षेत्र सिक्किम, दार्जीलिंग, तराई, डुवार्स तथा भूटान में मानव धर्म प्रचार प्रसार का पचासवीं वर्ष के स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में मनाई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बालसभा का कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गेजिंग नगर निगम के अध्यक्ष आई के न्योपाने तथा विशिष्ठ अतिथि दरामदिन/जोरथांग तहसील के प्रभारी महात्मा सुमति बाईजी, सह-प्रभारी महात्मा आणिमा बाईजी गेजिंग तहसील प्रभारी महात्मा चंद्रकांता बाईजी, महात्मा कुंती बाईजी उपस्थित थे। इस अवसर पर दिप प्रज्वलन के साथ मुख्य अतिथिगण, संत-महात्माओं, आमंत्रित अतिथि, शिक्षक-शिक्षिकागण को स्वागत किया गया।
सभा के दौरान समिति के महात्मा चंद्रकांत बाईजी तथा महात्मा सुमति बाईजी ने संबोधन में कहा कि आज वैज्ञानिक अपने सोच से भी अधिक का कार्य कर रहे है। लेकिन अपने अंदर छिपी हुई महान शक्ति को पहचान नही पा रहे है। उन्होंने बताया कि महानपुरुष ने आत्मज्ञान का प्रचार किया कोई धन संपदा का नही।आत्मा ज्ञान जीवन का आधार है, यह मानव को असली जीवन जीने का कला है। मानव धर्म इसका प्लेटफॉर्म है।
बाल सभा एवं युवा प्रकोष्ठ के संयोजक ने कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में अपना विचार प्रकट किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से नेपाल मानव धर्म सेवा समिति के शिक्षा अभियान तथा युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय मुख्य सलाहकार उत्तम गिरी ने अपना संबोधन में कहा कि आज के युवा पीढ़ी को विद्धवान समाज से नही बल्कि ज्ञानी समाज से परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक मानवमात्र को आध्यात्मिक जागरण होना जरूरी है। ईश्वर का अनुभूति ही वास्तव में मानव धर्म है। प्रत्येक मानव में बुद्ध बनने का क्षमता है पर खोजी करना होगा। मुख्य अतिथि आई के न्योपाने ने कहा कि जब तक आत्मा ज्ञान प्राप्त नही होता है, संत-महात्माओं का सानिध्य प्राप्त नही होता है तब तक मानव जीवन अधूरा है।
इस कार्यक्रम में पेलिंग, दराप, सरयोंग, लिंगचुप, लेगशेप, रिम्बिक, लाङगाङ,मिडल गेजिंग तथा अम्बरहुड के निजी पाठशाला के विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इस अवसर पर समिति के संत-महात्माओं ने समजप्रति योगदान के लिए प्रसस्ति पत्र से सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचाल अनिल राई ने किया। इसकी जानकारी सागर मोहोरा ने दी।

