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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर सबने खूब मिठाईयां लुटाई और जोर के ठुमके लगाये

संवाददाता/नासिक: प्रसिद्ध समाजसेवी व धर्मगुरू सतपाल जी महाराज की प्रेरणा और मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वावधान में श्री हंस कल्याण धाम आश्रम, शिवनगर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण कथा महायज्ञ के चौथे दिन शनिवार को कथा व्यास साध्वी हरीशा बाई ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि द्वापर में भाद्र पद की अष्टमी को माता देवकी के गर्भ से कंस के बन्दीगृह में बाल गोपाल का जन्म हुआ। जैसा उस समय भीषण वर्षा हो रही थी, आज भी ठीक वैसे ही वर्षा का मौसम बना हुआ है। भगवान की बाल छवि को देख सब मोहित हो गये।

साध्वी जी ने कहा कि कंस जैसे आततायी से पृथ्वी पर इतना अत्याचार बढ़ गया था कि चारों ओर त्राहि-त्राहि मचा हुआ था, लोग भयभीत हो गये थे। इस विकट परिस्थिती से निवारण के लिए स्वयं श्री हरि नारायण ने देवकी और वसुदेव के घर जन्म लेकर सभी भक्तों की रक्षा की और पृथ्वी को भय और पाप मुक्त किया। हरीशा बाई ने कहा कि भगवान का साकार रूप में अवतार इस धराधाम पर किसी न किसी उदेश्य को लेकर होता है। “जब-जब होय धरम की हानि, बाढ़ही असुर, अधम, अभिमानी”-अर्थात पृथ्वी पर जब घोर अत्याचार बढ़ जाता है, अधर्म की वृद्धि होने लगती है, तब-तब धर्म की स्थापना मनुष्य के हृदय में करके मनुष्य को सत्यगामी बनाते है। आज भी धर्म की स्थापना के लिए भगवान का जन्म हुआ है।

नन्द उत्सव पर सबने खूब मिठाईयां लुटाई और जोर के ठुमके लगाये। ऐसे प्रतित हो रहा था मानो जैसे तीनों लोकों के समस्त देवी-देवता बाल छवि के दर्शन के लिए श्री हंस कल्याण धाम आश्रम, शिवाजी नगर में एकत्रित हो गये हो। दिल्ली से आये हुए प्रसिद्ध भजन गायक कलाकार बालकिशोर ने-गुरू की मूरत मन में ध्याना और नन्द घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे अनेक सुन्दर बधाईयों द्वारा श्रोताओं को नाचने पर मजबूर कर दिया। तथा रवि टिकेकर, सोनू भाई, उद्धव भाई ने अनेक मराठी के बधाई गीतों द्वारा सबको खुब झुमाया। प्रसिद्ध बाँसुरीवादक नवीन वाईबा ने जादू रूपी बाँसुरी से भक्त समुदाय का मन मोह लिया। कार्यक्रम सायं 6 बजे से प्रारम्भ होकर रात्रि 9 बजे तक चला। तत्पश्चात सबने भोजन प्रसाद का भी खुब लाभ उठाया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीया खर्जूल ताई (नगर सेविका, नासिक रोड) और मा. संदीप अण्णा आवाण (नगर सेवक, नासिक रोड) साथ में अनेक गणमाण्य लोग उपस्थित थे। मुख्य अतिथि ने कथा व्यास साध्वी हरीशा बाई जी का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। तत्पश्चात मुख्य अतिथियों का संस्था के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने पुष्प-गुच्छ देकर किया। कार्यक्रम में पारसी बाबा, गौतम भंदूरे, श्याम काश्मीरे, उत्तम भाई, कैलाष खोड़े, जयराम गांगुणे, शैलेश, मनोज निकम आदि अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।