
सरकारी प्रसारणकर्ता एनएचके के अनुसार, आबे ने उत्तर कोरिया से बढ़ते परमाणु और मिसाइल खतरे का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए जापान और चीन के बीच मजबूत रिश्ते दोनों देशों के लिए फायदेमंद हैं और उत्तर पूर्व एशिया में शांति एवं स्थिरता के लिए आवश्यक हैं। संसद भंग कर आकस्मिक चुनाव की घोषणा करने वाले दिन आबे का इस समारोह में शामिल होना चीन के साथ संबंध सुधारने की उनकी इच्छा को दिखाता है। आबे और चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने कूटनीतिक संबंधों के सामान्य होने की 45वीं वर्षगांठ पर आज एक-दूसरे को बधाई संदेश दिए।
चीन की आधिकारिक संवाद समिति शिन्हुआ ने कहा कि ली ने उम्मीद जताई कि जापान द्विपक्षीय संबंधों की राजनीतिक स्थापना की रक्षा करने में चीन का साथ दे सकता है, विरोधाभासों और मतभेदों को नियंत्रित कर सकता है और उनके संबंधों में सुधार तथा विकास को बढ़ावा दे सकता है। चीन ने आबे के समारोह में शामिल होने का स्वागत किया।
